केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ एनसीपी का विरोध आंदोलन
केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ
एनसीपी का विरोध आंदोलन
ठाणे। इंपीरियल डाटा प्रस्तुत करने को लेकर केंद्र की सरकार ने जानबूझकर और अडंगा डाला है। केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ ठाणे शहर में एनसीपी के ओबीसी सेल द्वारा विरोध आंदोलन किया गया। महाराष्ट्र सरकार द्वारा तैयार इंटेरिकल डाटा 100% सही है। जबकि केंद्र की भाजपा सरकार ने सवाल खड़े किए हैं। केंद्र सरकार की गलती के कारण आज ओबीसी समाज राजनीतिक आरक्षण पाने से वंचित है। इसके लिए पूरी तरह भाजपा जिम्मेदार है। इन तमाम मुद्दों को लेकर ठाणे में एनसीपी ओबीसी मोर्चा द्वारा उग्र विरोध आंदोलन का आयोजन ठाणे जिला अधिकारी कार्यालय पर क्किया गया । विरोध आंदोलन में पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। विरोध आंदोलन का आयोजन एनसीपी के ओबीसी मोर्चा ठाणे शहर जिला अध्यक्ष गजानन चौधरी के नेतृत्व में किया गया । एनसीपी नेताओं और पदाधिकारियों का कहना था कि न्यायालय को इंपेरिकल डाटा उपलब्ध कराना यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र की भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण से वंचित करने की साजिश में लगी है। केंद्र सरकार अपनी गलतियां राज्य सरकार के माथे थोप रही है। इन बातों की जानकारी एनसीपी के ओबीसी सेल ठाणे शहर अध्यक्ष गजानन चौधरी ने दी । केंद्र सरकार ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण नहीं देने के मूड में है । विरोध आंदोलन राष्ट्रवादी काँग्रेस ओबीसी सेल प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर बाळबुधे , गृहनिर्माण व अल्पसंख्यांक मंत्री डाॅ.जितेंद्र आव्हाड के आदेशानुसार, और शहराध्यक्ष आनंद परांजपे , महिला विभागिय अध्यक्षा ऋताताई आव्हाड, गटनेते नजीब मुल्ला, ओबीसी समन्वयक राज राजापूरकर के मार्गदर्शन तथा ओबीसी सेल ठाणे शहराध्यक्ष गजानन चौधरी के नेतृत्व में किया गया। विरोध आंदोलन में विद्यार्थी सेल अध्यक्ष प्रफुल कांबळे, सामाजिक न्याय विभाग अध्यक्ष कैलास हावळे, विक्रांत घाग, मन्सूर डोसांनी, समीर नेटके, राजेश कदम, आशिष खाडे, अश्विनी मोरे, रमेश नाडर, आक्षू गिरी, के. पी. आहद, प्रशांत उदमाने, मंगेश वाघे, रवी दाबके, एड. गणेश थोरात, एकनाथ जाधव , संदेश पाटील, राहू पाटील, राणी देसाई, रेणुका अलगुडे, मिना क्षिरसागर आदि शामिल हुए।

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